राजस्थान पालनहार योजना अनाथ, बेसहारा और विशेष श्रेणियां के बच्चों के पालन-पोषण के लिए उनके पालनहार (रिश्तेदार/अभिभावक) को मासिक आर्थिक सहायता देती है, ताकि बच्चा परिवार के माहौल में पल-बढ़ सके और उसकी पढ़ाई जारी रहे। आवेदन SSO राजस्थान पोर्टल या ई-मित्र के माध्यम से होता है।
| योजना | पालनहार योजना (राजस्थान) |
| लाभ | बच्चे के पालन-पोषण हेतु मासिक सहायता + वार्षिक वस्त्र/सामग्री राशि |
| किसके लिए | अनाथ, विधवा/तलाकशुदा माता के बच्चे, विशेष श्रेणियां के बच्चे आदि |
| शर्त | बच्चे का स्कूल/आंगनबाड़ी में नामांकन |
| आवेदन | SSO राजस्थान / ई-मित्र |
| विभाग | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग |
कौन-से बच्चे पात्र हैं?
अनाथ बच्चे, मृत्युदंड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे, निराश्रित पेंशनधारी विधवा माता के बच्चे, तलाकशुदा/परित्यक्ता माता के बच्चे, HIV/कुष्ठ प्रभावित माता-पिता के बच्चे तथा अन्य अधिसूचित श्रेणियाँ। नियमानुसार आयु व नामांकन शर्तें लागू होती हैं।
ज़रूरी शर्तें
- पालनहार परिवार राजस्थान का निवासी हो और आय निर्धारित सीमा में हो।
- बच्चे का आंगनबाड़ी/स्कूल में नामांकन अनिवार्य है (नवीनीकरण के लिए हर साल प्रमाण)।
ज़रूरी दस्तावेज
- पालनहार व बच्चे का जन आधार/आधार
- पात्रता श्रेणियां का प्रमाण (मृत्यु प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन PPO आदि)
- बच्चे का स्कूल/आंगनबाड़ी नामांकन प्रमाण
- बैंक खाता विवरण
आवेदन कैसे करें
- SSO राजस्थान पर लॉगिन करें या नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएँ।
- SJMS/पालनहार सेवा चुनकर फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सत्यापित होने पर सहायता बैंक खाते में शुरू होती है।
- हर वर्ष अध्ययन प्रमाण देकर लाभ का नवीनीकरण कराएँ।
ज़रूरी सवाल-जवाब
राशि कितनी मिलती है?
बच्चे की उम्र/कक्षा के अनुसार मासिक राशि तथा वार्षिक वस्त्र/सामग्री राशि दी जाती है — सटीक राशि विभाग की अधिसूचना/पोर्टल पर देखें।
नवीनीकरण क्यों ज़रूरी है?
हर साल अध्ययनरत होने का प्रमाण न देने पर सहायता रुक सकती है।
जानकारी अंतिम बार सत्यापित: 16 July 2026. पात्रता/राशि बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।